Friday, August 26, 2011

यार बिना बंद सब खुस ग़ली


Public Teen Babe by zaupata

क्या बात हे जाना अकेले-अकेले ही भाई मुझे भी सर्विस पे लगा लो न


Lesbian girls by jafadent


मिलगयी-मिलगयी मुझे मेरी जिंदगी
यार बिना बंद सब खुस ग़ली
यार मिली तो खिल गयी कली

मिलगयी-मिलगयी मुझे मेरी जिंदगी


Public Boobs Teen by muglera



Teen shows boobs by Lordkramer


teen tits for your pleasure by gizmo1900

Teens


McDonald clerk flashes tits to customer by gray255


Teen Undressing For Shower by perrrv


यार मिली तो खिल गयी कली


hot girls kissing by sunanainasunaina

मिलगयी-मिलगयी मुझे मेरी जिंदगी
यार बिना बंद सब खुस ग़ली
यार मिली तो खिल गयी कली

क्या बात हे जाना अकेले-अकेले ही भाई मुझे भी सर्विस पे लगा लो न



Friday, August 19, 2011

प्लेन में नंगा दौड़ा यात्री


BBC
रूस में ओंम्क और व्लादिवोस्टोक शहरों के बीच यात्रा कर रहे विमान में सवार एक यात्री ने अपने कपड़े उतार कर हंगामा खड़ा कर दिया। दोनों शहरों के बीच हवाई यात्रा की दूरी छह घंटों की है।

जैसे ही विमान ने उड़ान भरी, 23 वर्ष के एक पुरुष यात्री ने अपने सभी कपड़े उतार दिए और आसमान में उड़ान भर चुके हवाई जहाज़ के बीचोंबीच के रास्ते में चिल्लाकर दौड़ने लगा।

हवाई जहाज में सवार बाकी यात्री यह देखकर स्तब्ध रह गए। उन्हें ये पता नहीं चल पा रहा था कि वो क्या करें और किधर देखें। यह अजीबोगरीब परिस्थिति करीब डेढ़ घंटे तक चली।

हवाई जहाज जब ईंधन भरवाने के लिए क्रैस्नोयार्क्स शहर उतरा, तब उधम मचाने वाले इस यात्री को विमान से उतार दिया गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, ये देखने के लिए कि कहीं वे नशे की हालत में तो नहीं है।

इसके बाद यात्रियों ने राहत की साँस ली और हवाई जहाज ने अपने गंतव्य के लिए उड़ान भरी। एयरलाइन को कथित तौर पर किसी भी यात्री से इस घटना के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।

समलैंगिकों का समागम


BBC
अनूठे अंदाज, गाने, बाजे और नारों के साथ दुनिया भर से आए समलैंगिक लोग और इनके समर्थक समलैंगिता को कानूनी जामा पहनाने और उसे सामाजिक स्वीकृति दिलाने के लिए एक बार फिर दिल्ली में इकट्ठे हुए।

रैली में लोगों का कहना था कि ये एक प्राकृतिक कृत्य है और आजाद देश में हर व्यक्ति को राजनीतिक आजादी के साथ-साथ सेक्सुअल आजादी भी चाहिए। यानी इन्हें समलैंगिक संबंधों के लिए कोई भी बंदिश मंजूर नहीं। 

मध्यप्रदेश से आए एमबीए के विद्यार्थी करण कहते हैं, 'मैं एक छोटे शहर से हूँ और समलैंगिक हूँ। बड़े शहरों में तो इसके प्रति जागरूगता है लेकिन छोटे शहरों में अब भी लड़ाई जारी है।'

दिल्ली में जुटे समलैंगिकों में न सिर्फ युवक युवतियाँ, बल्कि अनेक उम्रदराज लोग भी पूरे जोशोखरोश के साथ हिस्सा ले रहे थे। यही नहीं, कुछ समलैंगिक लोगों के परिवार वाले भी उनके समर्थन में मौजूद थे। पंजाब से आए एक ऐसे ही एक व्यक्ति हैं- संभव।

उनके परिवार से उनकी इस इच्छा का समर्थन करने न सिर्फ उनकी बुजुर्ग दादी आई थीं बल्कि उनकी माँ और उनके भाई-बहन भी रैली में शामिल थे।

समस्या : उनकी दादी ने अपने आने की वजह बताई, 'मेरे पोते ने बताया कि वो समलैंगिक है, तो हमने इस सत्य को स्वीकार किया और अगर हम ऐसा नहीं करते तो वो कुछ भी कर सकता था। उसे अपना जीवन जीने का पूरा अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट और समाज को भी चाहिए कि उसे उसका अधिकार दें।'

वैसे तो रैली में आए ज्यादातर लोगों का कहना था कि वे समलैंगिक हैं, लेकिन अधिकांश लोग तस्वीरें खिंचवाने और मीडिया के सामने आने से परहेज कर रहे थे।

हालाँकि बहुत से लोग ऐसे थे जो रंग-बिरंगी पोशाकों में मीडियाकर्मियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। इनके समर्थन में कुछ बुद्धिजीवी भी थे जो अपनी माँगों को कविता के जरिए व्यक्त कर रहे थे।

इन सबसे अलग रैली में बड़ी देर से बाँसुरी बजा रहे स्वामी शनि से मेरी मुलाकात हुई। उनका कहना था कि समलैंगिकता अपनाइए लेकिन सुरक्षित तरीके से ताकि एड्स जैसी बीमारियाँ न फैलने पाएँ।

बहरहाल सैकड़ों समलैंगिक इस रैली को लेकर काफी उत्साहित थे और उन्हें पूरा विश्वास था कि आने वाले दिनों में उनके अभियान में न सिर्फ हजारों लोग शामिल होंगे बल्कि वे इसे सामाजिक स्वीकृति दिलाने में भी कामयाब होंगे।